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| घर > कंपनी विवरण इतिहास > अध्यक्ष का भाषण |
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| अध्य क्ष का भाषण |
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| महोदय, |
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| आपकी कंपनी की 57वीं वार्षिक आम बैठक में बोर्ड के अपने सहयोगियों के साथ मैं आप सभी का स्वा गत करता हूं । निदेशक की रिपोर्ट 31 मार्च, 2011 को समाप्ते वर्ष का वार्षिक लेखा विवरण तथा सांविधिक लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट और उस पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पधणियों के साथ निदेशकों की रिपोर्ट पहले से परिचालित की जा चुकीं हैं और आपकी अनुमति से मैं उन्हेंि पढ़ा हुआ मानता हूँ । मुझे यह बताने में बहुत खुशी हो रही है कि सी ए जी ने शून्य टिप्पिणी करते हुए एच आई एल के लेखा अनुमोदित कर दिए हैं।
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कंपनी के कार्य निष्पारदन पक्ष पर बात करने से पहले मैं कंपनी के व्या पक विषय के बारे में बात करूँगा जिसमें कंपनी चल रही है क्योंककि मैक्रो पर्यावरण में परिवर्तन से कंपनी के भविष्यश का निर्माण होता है ।
आपकी कंपनी की जनस्वा स्य्क् और फसल संरक्षण दोनों ही क्षेत्रों में बराबर पकड़ है दोनों क्षेत्र में कंपनी ने सफलता हासिल की है ।
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| जनस्वािस्य्ीड के क्षेत्र में एच आई एल पूरे विश्व में डीडीटी की एक मात्र आपूर्तिकर्ता बनी हुई है और यह कंपनी देश की जनता को मलेरिया के शिकंजे से बचा कर उन्हें स्वयस्थत बनाने के लक्ष्या में जुटी है । यद्यपि डीडीटी उत्पातद पर्यावरण विदों, वैकल्पिक उत्पामदों के आपूर्तिकर्ता और उनकी सरकारों की घोर नकारात्मक आलोचना का शिकार बना हुआ है । लेकिन अब ज्याैदा से ज्यापदा देश विशेष रूप से उपसहारा अफ्रीका डीडीटी का प्रयोग करने के लिए आगे आ रहा है क्यों कि वैकल्पिक उत्पायदों के वांछित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं तथापि वास्तकविकता यह है कि विकसित देश ''जीवन सुरक्षा के साधन'' को समाप्त् करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं । चरण बद्ध योजना तैयार कर रहे हैं हालांकि कोई व्यीवहार्य किफायती विकल्प दिखाई नहीं दे रहे हैं । |
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| उपरोक्त बातों को ध्याीन में रखते हुए आपकी कंपनी ने भारत सरकार के सहयोग से डीडीटी के रासायनिक विकल्पों के विकास पर अध्य यन किया तथा रसायन प्रोद्योगिकी संस्थाटन मुंबई (आई सी टी) (पूर्व यूडीसीटी) को कार्य सौंपा । हमारी वैज्ञानिक टीम आई सी टी के साथ मिलकर काम कर रही है । इस परियोजना के उचित निष्कडर्ष पर पहुँचने में तीन वर्ष लगने की संभावना है । |
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| इस वर्ष के दौरान आपकी कंपनी स्टायकहोम कन्वे शन राष्ट्री य कार्यान्व्यन कार्यक्रम के साथ जुड़ गई और यह कार्यक्रम ''यूनिडो'' की पूर्ण संतुष्टि के अनुसार कार्यान्वित किया गया । यह बहुत गर्व की बात है कि यूनिडो अन्य' परियोजनाओं को शुरू करने पर विचार कर रही है । |
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| आपकी कंपनी को ईरीटीरिया, जिम्बा्बवे, दक्षिण अफ्रीका, मोजम्बिक तथा जांबिया से वर्ष 2010-11 में डीडीटी के आर्डर मिले और कंपनी का लक्ष्यि वर्ष 2011-12 में अन्य देशों से आर्डर लेने का भी है । यह भी संतोष की बात है कि यूएनडीपी में मलेरिया ग्रस्त जिम्बायबवे को आपूर्ति करने के लिए 2010-11 के दौरान डीडीटी प्राप्त् किया। |
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फसल संरक्षण क्षेत्र के संबंध में यह बहुत सुखद बात है कि राष्ट्रढ खाद्य उत्पाेदन को बढ़ाने पर अधिकाधिक जोर दे रही है । पूरे विश्वय में विशेष रूप से भारत में खाद्य की कमी है । पिछले कुछ वर्षों में हमारी सकल घरेलू उत्पा द विकास दर 8-9% बनी हुई है जिसका मतलब है कि हमारा ट्रिलियन डालर सकल घरेलू उत्पाशद हर आठ वर्ष में दुगुना हो जाएगा जिससे खाद्य की खपत बढ़ जाएगी । बढ़ती हुई जनसंख्याे के कारण भी खाद्य की मांग बढ़ सकती है और खाद उत्पाकदन को बढ़ाने के सिवाय राष्ट्र के पास कोई विकल्पण नहीं है, इसके लिए अच्छेप बीज, उर्वरक, पीड़कनाशियों का इस्तेवमाल करना होगा ।
वर्ष 2010-11 में एच.आई.एल. ने टर्नओवर के संबंध में पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए और इसने इण्डो1सल्फॉहन, मोनोक्रोटोफॉस आदि जैसे उत्पादों के संबंध में अत्यलधिक उत्पा़दन किया ।
आपकी कंपनी ने इस वर्ष 271.04 करोड़ रूपये की टर्नओवर की, जबकि पिछले वर्ष 243.88 करोड़ रूपये थी । कंपनी ने 3.33 करोड़ रु0 की पीबीटी दर्ज की । संचित हानि कम होकर 5.91 करोड़ रूपये हो गई और कंपनी का निवल मूल्यं बढ़कर 85.13 करोड़ रूपये हो गया ।
यद्यपि, यह घटना वित्तओ वर्ष 2010-11 की समाप्ति के बाद हुई लेकिन मैं यह बताना जरूरी समझता हूँ कि इण्डो्सल्फॉ्न जो कि हमारा उच्च तम विक्रय फसल संरक्षक उत्पानद है, के उत्पामदन पर भारत सरकार के माननीय सर्वोच्चफ न्या यालय द्वारा अस्था यी रूप से रोक लगा दी गई है । उद्योग एसोसिएशन इस मामले पर सक्रिय रूप से लगी हुई है लेकिन सच बात तो यह है कि उत्पारद पर मई 2011से रोक लगाई गई जिसका टर्नओवर पर प्रभाव पड़ सकता है । क्योंिकि 271.04 करोड़ रूपये की टर्नओवर में 47 करोड़ रु0 की टर्न ओवर इण्डोरसल्फॉमन की होती है और लाभप्रदता में भी इसका योगदान रहता है । प्रबंधन अन्य7 उत्पाुदों पर विचार करके इस समस्याो पर काबू पाने का पूरा प्रयास कर रहा है ।
स्वहमूल्यां कन के अनुसार कंपनी के निष्पारदन की समझौता ज्ञापन में रेटिंग ''बहुत अच्छाा'' दी गई है ।
यह भी बहुत गर्व की बात है कि एच.आई.एल. को बीआरपीएसई द्वारा ''कायाकल्पप उद्यम पुरस्काहर (''टर्न अराउंड ट्राफी'') प्रदान की गई ।
इस वित्तए वर्ष के दौरान कंपनी ने अपने मैलाथियॉन संयत्र को पुन: चलाकर रसायनी यूनिट में एक नया फसल संरक्षण उत्पाेद ''एसिफेट'' शुरू किया । पिछले वर्ष की सूचित अन्य विविध परियोजनाएं भी विभिन्न् कार्यान्वेयन चरणों में है ।
कारपोरेट शासन के संबंध में मुझे यह कहना है कि आपकी कंपनी की कार्यशैली पूर्णत: नियमों, विनियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार है । आपकी सोच शेयर धारियों के हित को बढ़ाने के उद्देश्यं के साथ पूरे संगठन में नैतिक आचरण अपनाने की है । कंपनी देश में कारपोरेट शासन के उच्च़तम मानकों का अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध है । कारपोरेट शासन पर रिपोर्ट निदेशक की रिपोर्ट में अलग से प्रस्तुत की गई है ।
आपकी कंपनी सुविधा वंचित लोगों को शिक्षा प्रदान करने, पेय जल की व्य वस्थाप करने, उनके लिए आधारभूत अवसंरचना का विकास करने जैसे कारपोरेट सामाजिक दायित्वि निभाने में अपने पूरे प्रयास कर रही है ।
मैं यहॉं निदेशक बोर्ड के अपने सभी सहयोगियों का कंपनी की प्रबंधन व्यतवस्थाह में उनके अमूल्यॉ मार्गदर्शन और परामर्श के लिए आभार प्रकट करना चाहता हूँ ।
मैं रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, स्वानस्य् प एवं परिवार कल्याएण मंत्रालय, लागत लेखा शाखा, वित्तस मंत्रालय, कंपनी के बैंकर, लेखा परीक्षकों और सभी शेयर धारकों का हार्दिक धन्ययवाद करता हूँ, जिन्होंयने अपना सहयोग दिया है और आगे भी सहयोग देते रहेंगे । मैं एच.आई.एल. के सभी स्तररों के कर्मचारियों का आभारी हूँ । मैं यहॉं यह करना चाहूँगा कि उनके सहयोग और मेहनत के बिना ऐसे परिणाम प्राप्तँ करना संभव नहीं हो पाता ।
मेरी उनसे गुजारिश है कि वह इण्डो सल्फॉअन उत्पा़दन पर लगी रोक के कारण उत्पतन्न। समस्या, को काबू पाने में और कंपनी का निष्पा दन बढ़ाने में और अधिक दृढ़ संकल्पर और लगन से मेहनत करें।
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| धन्यावाद ! |
(के हरिकुमार) |
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अध्यकक्ष एवं प्रबन्धक निदेशक |
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स्थान : नई दिल्ली
दिनांक : 28 सितम्बनर, 2011 |
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| © 2007 Hindustan Insecticides Limited |
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